Ram mandir: क्यों रची राम मंदिर पर हमले की थी साजिश
Why was there a conspiracy to attack Ram temple?
अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहे आतंकी अब्दुल रहमान (19) को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकी संगठन आईएसआईएस-खुरासान ने उसे ब्रेनवॉश कर हमले के लिए तैयार किया था। अब्दुल बीते कई महीनों से इस आतंकी संगठन के संपर्क में था और सोशल मीडिया के जरिए उसे कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया।
राम मंदिर पर हमले की साजिश
सूत्रों के मुताबिक, आतंकी संगठन ने अब्दुल रहमान और उसके साथियों को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर धार्मिक भावनाएं भड़काकर हमले के लिए उकसाया। अब्दुल ने राम मंदिर और उसके आसपास की रेकी कर वीडियो बनाए और उन्हें आतंकी संगठन के साथ साझा किया। जब हमला करने की योजना बन रही थी, तभी सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक लग गई।
फरीदाबाद में संदिग्ध गतिविधियां
फरीदाबाद पुलिस के अनुसार, अब्दुल रहमान को लगातार आतंकी संगठन के मैसेज मिल रहे थे। वह किसी अज्ञात स्थान से हैंड ग्रेनेड लेकर आया था और फरीदाबाद होते हुए आगे जाने वाला था। लेकिन अपने साथियों से संपर्क न होने के कारण वह बांस रोड पाली इलाके में एक सुनसान टिनशेड में ठहरा हुआ था। दिनभर वह इलाके में बैग लेकर घूमता रहता था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और गुजरात एटीएस ने आतंकी की जानकारी एकत्र कर उसकी फोटो एसटीएफ के साथ साझा की। 2 फरवरी को उसकी लोकेशन फरीदाबाद में ट्रेस होने के बाद तीनों सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जब अब्दुल ने बताया कि उसके बैग में दो हैंड ग्रेनेड हैं, तो जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर ग्रेनेड को निष्क्रिय कर दिया।
आतंकी के खिलाफ मामला दर्ज
फरीदाबाद के डबुआ थाने में अब्दुल रहमान के खिलाफ 25 (1)(A) आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(A), 4(B), 5 और विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 9B(1)(B) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उसे 10 दिन की रिमांड पर लिया गया है।
विशाखापत्तनम में बिताए महीने, परिवार से पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद पता चला कि अब्दुल छह महीने पहले दिल्ली होते हुए विशाखापत्तनम गया था, जहां उसने चार महीने धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। वह दो महीने पहले वापस आया था। उसके परिजनों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह फैजाबाद में मौलाना उस्मान हजरत के संपर्क में था। उसकी मां यास्मीन ने बताया कि अब्दुल ई-रिक्शा चलाता था और उसे बचपन से दिल की बीमारी थी, जिसका अहमदाबाद में ऑपरेशन हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
गुजरात एटीएस ने अब्दुल के घर की तलाशी के लिए टीम भेजी है, ताकि और सबूत इकट्ठा किए जा सकें। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे आगे की जांच के लिए फैजाबाद ले जाया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस साजिश में और लोग भी शामिल थे।


