Pakistan: बलूचिस्तान में ट्रेन पर आतंकी हमला, बंधकों की रिहाई के लिए सेना का अभियान जारी
Pakistan: Terrorist attack on train in Balochistan, army operation continues to release hostages
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले को 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब भी कई लोग बलूच विद्रोहियों के कब्जे में हैं। पाकिस्तान की सेना बंधकों को छुड़ाने के लिए अभियान चला रही है, जबकि इस हमले में बचे यात्री अब भी दहशत के साए में हैं।
हमले का भयावह मंजर
हमले में जीवित बचे यात्री मुश्ताक मोहम्मद ने मीडिया को बताया, “अचानक एक तेज धमाका हुआ और गोलियों की बौछार शुरू हो गई। यह ऐसा दृश्य था, जिसे जिंदगी भर भुलाया नहीं जा सकता।”
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से करीब 100 किलोमीटर दूर बोलन स्टेशन के पास हुआ, जब हथियारबंद बलूच विद्रोहियों ने ट्रेन को अगवा कर लिया।
मौत और बंधकों की रिहाई
- 20 से अधिक यात्रियों के मारे जाने की खबर है।
- पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, 155 बंधकों को छुड़ा लिया गया है।
- सेना की जवाबी कार्रवाई में 27 बलूच लड़ाके मारे गए हैं।
हमलावरों ने बलूचिस्तान के महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को छोड़ दिया, लेकिन ट्रेन में सवार सेना और सुरक्षाबल के जवानों को बंधक बना लिया।
घटना के वक्त ट्रेन में क्या हुआ?
हमले के दौरान जाफर एक्सप्रेस के नौ डिब्बों में लगभग 500 यात्री सवार थे। यह रेलगाड़ी क्वेटा से पेशावर जा रही थी।
यात्री इशाक नूर ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ क्वेटा से रावलपिंडी जा रहा था। “धमाका इतना तेज था कि ट्रेन की कई खिड़कियां और दरवाजे टूट गए,” उन्होंने कहा।
हमले के बाद नकाबपोश विद्रोही ट्रेन में चढ़ गए और यात्रियों के आईडी कार्ड चेक करने लगे। मुश्ताक ने बताया, “उन्होंने यात्रियों से कहा कि आम नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और बलूच नागरिकों को कुछ नहीं होगा। लेकिन जो सेना या सुरक्षाबलों से जुड़े थे, उन्हें बंधक बना लिया गया।”
एक यात्री ने प्रतिरोध करने की कोशिश की, तो उसे बुरी तरह पीटने के बाद ट्रेन से नीचे उतारकर गोली मार दी गई।
बलूच नागरिकों को जाने दिया
इशाक ने बताया कि जब उसने हमलावरों को बताया कि वह बलूचिस्तान का निवासी है, तो उसे और उसके परिवार को जाने दिया गया।
इस हमले ने पाकिस्तान में बलूचिस्तान की अस्थिर स्थिति और वहां चल रहे विद्रोह को फिर से उजागर कर दिया है। सेना द्वारा बंधकों को छुड़ाने का अभियान जारी है, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।


