Haryana, Rohtak: आखिर 63 वर्षीय बुज़ुर्ग ने क्यों किया आत्मदाह का प्रयास
Rohtak: हरियाणा के कंसाला गांव के 63 वर्षीय पंच बलवान सिंह ने मनरेगा में भ्रष्टाचार की जांच न होने से आहत होकर आत्मदाह का प्रयास किया। यह घटना लघुसचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समाधान शिविर के बाहर हुई, जहां बलवान सिंह ने मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाकर उन्हें बचाया और अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
बलवान सिंह ने मनरेगा में गड़बड़ी की शिकायत उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समाधान शिविर में दी थी। शिकायत पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निराश होकर उन्होंने आत्मदाह का कदम उठाया।
जब लघुसचिवालय परिसर में पंच ने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगाई, तो वहां मौजूद लोग उन्हें बचाने दौड़े और कपड़ों में लगी आग बुझाई। इसके बाद उन्हें PGI के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां वे करीब 10 प्रतिशत जल चुके थे।
पंच का आरोप और प्रशासन की प्रतिक्रिया
बलवान सिंह का आरोप है कि अधिकारी सरपंच को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इधर, घटना के बाद उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने पंच को अपने कार्यालय में बुलाकर उनकी शिकायत सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने कहा कि बलवान सिंह की शिकायत लोकायुक्त के पास थी, और उनकी पहले दी गई गवाही के आधार पर जांच बंद कर दी गई थी। हालांकि, अब यदि वे फिर से जांच चाहते हैं, तो उनकी शिकायत पर पुनः सुनवाई की जाएगी।


