International Women’s day: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: इतिहास, महत्व और उत्सव 👇👇

International Women’s day: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: इतिहास, महत्व और उत्सव 👇👇
International Women's Day: History, Significance and Celebration 👇👇👇

8 मार्च को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। शायद आपने भी इस खास दिन पर कुछ लोगों को बधाई संदेश भेजे होंगे और कुछ करीबी लोगों को फोन करके शुभकामनाएं दी होंगी। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस दिन की शुरुआत कैसे हुई? यह केवल एक उत्सव है या इसके पीछे कोई बड़ा आंदोलन रहा है?

महिला दिवस की शुरुआत कैसे हुई?

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की जड़ें एक श्रमिक आंदोलन से जुड़ी हैं। 1908 में, न्यूयॉर्क शहर में 15,000 महिलाओं ने अपनी कामकाजी परिस्थितियों में सुधार की मांग को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया। उनकी प्रमुख मांगें थीं – काम के घंटे कम किए जाएं, वेतन बढ़ाया जाए और महिलाओं को मतदान का अधिकार मिले।

इसके जवाब में, 1909 में, अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने इस दिन को राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता दी।

महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय रूप देने का विचार

महिला दिवस को वैश्विक मंच पर लाने का श्रेय जर्मन समाजवादी नेता क्लारा ज़ेटकिन को जाता है। 1910 में कोपेनहेगन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला श्रमिक सम्मेलन में उन्होंने प्रस्ताव रखा कि महिलाओं के अधिकारों और समानता को बढ़ावा देने के लिए हर साल एक दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। इस सम्मेलन में 17 देशों की 100 महिलाओं ने भाग लिया और सभी ने इस विचार को समर्थन दिया।

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पहली बार कब मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस?

सबसे पहले 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था। अब यह दिवस दुनिया भर में व्यापक रूप से मनाया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र और महिला दिवस

1975 में, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को आधिकारिक मान्यता दी और इसे हर साल एक विशेष थीम के साथ मनाने की परंपरा शुरू की। पहली थीम थी – “Celebrating the Past, Planning for the Future” (अतीत का जश्न, भविष्य की योजना)।

8 मार्च को ही महिला दिवस क्यों मनाया जाता है?

क्लारा ज़ेटकिन ने इस दिन की कोई निश्चित तिथि तय नहीं की थी। लेकिन 1917 में, प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने “ब्रेड एंड पीस” (रोटी और शांति) की मांग को लेकर हड़ताल की। इस प्रदर्शन के दबाव में आकर तत्कालीन सम्राट निकोलस को सत्ता छोड़नी पड़ी और अंतरिम सरकार ने महिलाओं को मतदान का अधिकार दे दिया।

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रूस में तब जूलियन कैलेंडर का इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें यह हड़ताल 23 फरवरी को हुई थी। लेकिन ग्रेगेरियन कैलेंडर (जो आज अधिकांश देश अपनाते हैं) में यह तिथि 8 मार्च थी। तब से हर साल इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है।

क्या कोई अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस भी है?

हां, 19 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी, हालांकि इसे संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है।

पुरुष दिवस का उद्देश्य पुरुषों के स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और समाज में उनकी सकारात्मक भूमिका को उजागर करना है। 2019 में इसकी थीम थी – “Making a Difference for Men and Boys” (पुरुषों और लड़कों के लिए बदलाव लाना)।

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दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कैसे मनाया जाता है?

  • रूस और कई यूरोपीय देशों में इस दिन फूलों की बिक्री बढ़ जाती है, क्योंकि लोग महिलाओं को सम्मान देने के लिए फूल भेंट करते हैं।
  • चीन में कई संगठनों और कार्यालयों में महिलाओं को आधे दिन की छुट्टी दी जाती है।
  • अमेरिका में पूरे मार्च महीने को “Women’s History Month” (महिला इतिहास माह) के रूप में मनाया जाता है।
  • कई देशों में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश भी घोषित किया जाता है।

महत्व और उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए नहीं, बल्कि लैंगिक समानता, महिलाओं के अधिकारों और उनके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में जागरूकता फैलाने का एक अवसर भी है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और हमें इस दिशा में लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।

Dev Kabir

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