Haryana election: भाजपा की बड़ी जीत, कई निगमों में परचम लहराया
Haryana Municipal Corporation Elections: BJP's big win, flag hoisted in many corporations
हरियाणा के 10 नगर निगमों के मेयर चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। भाजपा ने रोहतक, हिसार, करनाल, अंबाला, सोनीपत और फरीदाबाद में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। मानेसर नगर निगम में निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. इंद्रजीत यादव ने भाजपा प्रत्याशी सुंदर लाल को हराकर जीत हासिल की। यादव ने प्रचार के दौरान खुद को केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद राव इंद्रजीत सिंह का करीबी बताया था।
रोहतक: भाजपा की बड़ी जीत, कांग्रेस को तगड़ा झटका
रोहतक नगर निगम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामअवतार वाल्मीकि ने कांग्रेस के सूरजमल किलोई को 45,191 वोटों के बड़े अंतर से हराया। यह जीत भाजपा के लिए खास इसलिए भी रही क्योंकि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को जाट बाहुल्य इलाकों में बढ़त मिली थी, लेकिन इस बार भाजपा को भारी समर्थन मिला।
फरीदाबाद, सोनीपत और हिसार में भी भाजपा का दबदबा
- सोनीपत: भाजपा के राजीव जैन ने कांग्रेस के कमल दीवान को 34,766 वोटों से हराकर जीत दर्ज की।
- हिसार: भाजपा के प्रवीण पोपली ने 96,329 वोट लेकर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस के कृष्ण सिंगला टीटू को 31,873 वोट ही मिले।
- फरीदाबाद: भाजपा ने सभी वार्डों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।
पानीपत में भाजपा का ऐतिहासिक प्रदर्शन
पानीपत नगर निगम चुनाव में भाजपा की मेयर प्रत्याशी कोमल सैनी ने 1,23,170 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की सविता गर्ग और आम आदमी पार्टी के प्रीतपाल खेड़ा को हराया।
जुलाना और खरखौदा में भाजपा की जीत
- जुलाना नगर पालिका: भाजपा प्रत्याशी डॉ. संजय जांगड़ा ने 671 वोटों के अंतर से निर्दलीय उम्मीदवार जोगेंद्र लाठर को हराया।
- खरखौदा नगर पालिका: भाजपा के हीरा लाल इंदौरा ने निर्दलीय मैक्सिन ठेकेदार को हराकर जीत दर्ज की।
रादौर और बवानीखेड़ा में भी भाजपा का वर्चस्व
- रादौर नगर पालिका: भाजपा के रजनीश मेहता ने 482 वोटों से जीत दर्ज की।
- बवानीखेड़ा नगर पालिका: भाजपा के सुंदर अत्री ने 1385 वोटों से जीत हासिल की और कस्बे के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का वादा किया।
करनाल में गड़बड़ी के आरोप
करनाल नगर निगम चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी की जीत के बाद निर्दलीय उम्मीदवार यश गोयल ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को उनके ही वोट नहीं मिले।
भाजपा ने दिखाई मजबूत संगठन क्षमता
भाजपा की इस बड़ी जीत के पीछे उनकी संगठित चुनावी रणनीति और केंद्र-राज्य सरकार की नीतियों का समर्थन बताया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस इस चुनाव में बिखरी हुई नजर आई, और बड़े नेता प्रचार के लिए मैदान में नहीं उतरे।


