भूपेश बघेल पर ED की छापेमारी: बेटे समेत 14 ठिकानों पर रेड, पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
ED raids on Bhupesh Baghel: Raid on 14 locations including his son, paramilitary force deployed
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पंजाब महासचिव भूपेश बघेल पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह छापेमारी शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है। ED की टीमों ने छत्तीसगढ़ में बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के ठिकानों समेत 14 जगहों पर दबिश दी है। दुर्ग जिले में चैतन्य बघेल के आवास पर भी तलाशी अभियान जारी है।
पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती, कांग्रेस का विरोध
ED की इस कार्रवाई के दौरान छापेमारी वाले स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस छापेमारी का विरोध किया है। प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके बेटे चैतन्य बघेल और उनके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की।
शराब घोटाले से जुड़ा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले को लेकर ED लगातार जांच कर रही है। इस घोटाले में करोड़ों रुपये की अवैध राशि के लेन-देन की बात सामने आई है। जांच के दौरान चैतन्य बघेल का नाम भी इस घोटाले से जुड़ा हुआ पाया गया था। इससे पहले, मई 2024 में भी ED ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर कुछ संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था।
भूपेश बघेल का बयान- “यह साजिश है”
छापेमारी के बाद भूपेश बघेल के कार्यालय ने एक बयान जारी कर इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। बयान में कहा गया, “झूठे मामले को सात साल बाद कोर्ट में खारिज किए जाने के बाद, आज ED के अधिकारी भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर पहुंचे हैं। यदि कांग्रेस को पंजाब में रोकने की साजिश की जा रही है, तो यह गलतफहमी है।”
बीजेपी का पलटवार
भूपेश बघेल पर ED की कार्रवाई को लेकर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, “जब भी ED कार्रवाई करती है, कांग्रेस हमेशा वही घिसा-पिटा आरोप लगाती है। यह सच है कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में बड़े घोटाले हुए हैं, जिनमें उनके करीबी अधिकारी और मंत्री शामिल रहे हैं। अगर उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, तो डरने की कोई बात नहीं होनी चाहिए।”


